एजुकेशन: IIT दिल्ली में एक छात्र की आत्महत्या के बाद कैंपस में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। छात्र की मौत के बाद साथी छात्रों ने संस्थान की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि छात्र लंबे समय से कमरे की समस्या से परेशान था और उचित आवास न मिलने के कारण उसका मानसिक दबाव लगातार बढ़ रहा था। बताया जा रहा है कि रहने की व्यवस्था प्रभावित होने से उसके शैक्षणिक कार्य और प्रोजेक्ट भी रुक गए थे।
इस घटना के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। कई छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार करते हुए संस्थान प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। बड़ी संख्या में छात्र IIT दिल्ली के गेट के बाहर पहुंचे और प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि छात्रावास और आवास से जुड़ी समस्याओं को लंबे समय से उठाया जा रहा था, लेकिन समय रहते समाधान नहीं किया गया।
छात्रों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यह पता लगाया जाए कि आखिर किन परिस्थितियों में छात्र को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ा। साथ ही छात्रों ने मांग की है कि कैंपस में आवास की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए और छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए।
यह घटना एक बार फिर देश के बड़े शिक्षण संस्थानों में छात्रों पर बढ़ते शैक्षणिक, सामाजिक और मानसिक दबाव को लेकर बहस तेज कर रही है। छात्र संगठनों का कहना है कि संस्थानों को केवल पढ़ाई और प्रोजेक्ट पर ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की मूलभूत जरूरतों और मानसिक सहयोग पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।
फिलहाल छात्र की मौत के मामले में जांच जारी है। प्रशासन की प्रतिक्रिया और जांच के बाद ही पूरी स्थिति साफ हो सकेगी। वहीं, कैंपस में छात्रों का विरोध और आक्रोश लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
